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Even Byte Has Weight, which will weigh half the earth in year 2025 (HINDI )

सूचना की भी अपच हो जाती है ,दिमाग में  सीखने और भूलने की प्रक्रिया हाथों  में हाथ डाले चलती है -इसीलिए दोष हिस्ट्री ज्योग्राफी के मथ्थे मढ़ दिया गया -हिस्ट्री ज्योग्राफी बड़ी बे -वफ़ा ,रात को रटो दिन में सफा.  लेकिन सूचना का वजन रात -दिन बढ़ान पे है ,बाइट का अपना वजन है जो एक अनुमान के अनुसार इलेक्ट्रॉन के वजन का करोड़वां अंश बतलाया गया है जबकि इलेक्ट्रॉन का वजन कुल टेन टू पावर माइनस थर्टी वन है इसका भी करोड़वां हिस्सा बोले तो टेन टू  माइनस थर्टी ऐट आएगा यानी वन हण्ड्रेथ आफ ए मिलियंथ ऑफ़ ए मिलियंथ ऑफ़ ए मिलियंथ ऑफ़ ए मिलिअथ ऑफ़ ए मिलियंथ मिलियंथ ऑफ़ ए किलोग्रेम वेट . यानी 0.000 000 ,000 000 ,000 000 ,000,000, 000 ,000 ,000 000 38 किलोग्रेम वेट  ऑफ़  दी ट्रेक "इतनी सूचना का क्या करेंगे "चंद्रभूषण जी का एक वजनी आलेख है (29 अगस्त अंक ). क्या कीजियेगा इत्ती सूचना का जिसे धरती न झेल सके कार्बन फुटप्रिंट सूचना का भी है बेशक ! वीरेंद्र शर्मा...

Covid -19 isn't harmless like common cold (HINDI )

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मिथ :आम सर्दी जुकाम की तरह ही है कोविड -१९ यथार्थ :ठीक इसके विपरीत है जबकि इस दौर के साथ तालमेल बिठाये रखने के लिए सटीक जानकारी सावधानी की तरह एहम है। कुछ लोग भ्रामक प्रचार में जुटे हुए हैं उनसे खबरदारी ज़रूरी है। कहा जा रहा है कोविड -१९ से मात्र ०. ०० ४ फीसद लोगों की ही मौत होती है। इसका अर्थ हुआ  पच्चीस हज़ार के पीछे सिर्फ १ पेशेंट को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है। दशमलव शून्य शून्य चार का अर्थ यह हुआ ,चार  के एक हज़ार टुकड़े कर दिए जाएँ उनमें से चार टुकड़े उठा लिए जाएँ। सोशल मीडिया पर २४ x७ x३६५ दिन मिलने वाले कहते हैं एक मामूली बीमारी को लेकर लोकडाउन थोप दिया गया जबकि फ्लू (आम इन्फ़्लुएन्ज़ा )इससे कहीं घातक महामारी है। ऐसा लगता है ये शोशल मीडिया जीवक अमरीकी हैं जहां फ्लू एक राष्ट्रीय बीमारी का दर्ज़ा बनाये हुए है जहां हर बरस इसके खिलाफ टीका बनता है। क्योंकि टीका एक सीजन ही असरकारी रहता है। फिर नया फ्लू वायरस आ घेरता है। यहां अमरकी माहिर डॉ अन्थोनी फौसी (फोसाई )की राय भी इस बाबत जानना ज़रूरी है। बकौल फॉसआइ कोविड -१९ फ़्लू  के मुकाबले दस गुना ज्यादा मारक है। फ्लू के मुकाबल...